
नई दिल्ली: महाकुंभ 2025 में संभावित भगदड़ और उससे जुड़ी सुरक्षा चिंताओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दाखिल की गई है। याचिका में महाकुंभ मेले में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने और प्रशासन की तैयारियों की निगरानी करने की मांग की गई है। इसके साथ ही, याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से जल्द सुनवाई की अपील की है ताकि समय रहते आवश्यक सुरक्षा प्रबंध किए जा सकें।
महाकुंभ में सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंताएं
हरिद्वार, प्रयागराज, उज्जैन और नासिक में आयोजित होने वाले महाकुंभ में लाखों श्रद्धालु जुटते हैं, जिससे भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बन जाती है। पूर्व में हुए कुंभ मेलों में भगदड़ की घटनाएं देखने को मिली हैं, जिनमें कई लोगों की जान जा चुकी है। इस बार भी महाकुंभ 2025 के दौरान भारी भीड़ के कारण भगदड़ जैसी घटनाओं की आशंका जताई जा रही है।
याचिका में क्या हैं मुख्य बिंदु?
जनहित याचिका में निम्नलिखित मुद्दों पर ध्यान देने की मांग की गई है:
- सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा: कुंभ मेले में भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा उपायों को लेकर प्रशासन की तैयारियों की जांच की जाए।
- आपातकालीन सेवाएं: पर्याप्त संख्या में एंबुलेंस, मेडिकल स्टाफ और आपदा प्रबंधन दल तैनात किए जाएं।
- डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम: श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए GPS ट्रैकिंग और ड्रोन निगरानी जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाए।
- व्यवस्थित प्रवेश और निकासी मार्ग: मेले के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए उचित यातायात योजना बनाई जाए।
- पुलिस बल की तैनाती: सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल और सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाएं।
सुप्रीम कोर्ट से जल्द सुनवाई की मांग
याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से जल्द सुनवाई की गुहार लगाई है ताकि मेले से पहले सभी आवश्यक सुरक्षा प्रबंध पूरे किए जा सकें। सुप्रीम कोर्ट के इस मामले को संज्ञान में लेने पर प्रशासन पर उचित कार्रवाई करने का दबाव बढ़ सकता है, जिससे महाकुंभ में भाग लेने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।









Users Today : 2