
आज, 26 नवंबर को संविधान दिवस के अवसर पर सुप्रीम कोर्ट में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कार्यक्रम में शामिल होंगे।
संविधान दिवस, जिसे ‘राष्ट्रीय कानून दिवस’ भी कहा जाता है, हर साल भारत के संविधान को अपनाने की याद में मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का उद्देश्य संविधान के महत्व को समझाना और नागरिकों को उनके अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना है।
सुप्रीम कोर्ट में आयोजित इस कार्यक्रम में न्यायपालिका के प्रमुख अधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद रहेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण से इस कार्यक्रम को और भी खास बनाने की उम्मीद है, जहां वे संविधान की महत्ता और इसके आदर्शों पर अपने विचार साझा करेंगे।
देशभर में संविधान दिवस के उपलक्ष्य में कई अन्य कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। स्कूल, कॉलेज और अन्य संस्थानों में संविधान से संबंधित चर्चाएं और जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।
संविधान दिवस का महत्व
1949 में इसी दिन संविधान सभा ने भारत के संविधान को अपनाया था, जो 26 जनवरी 1950 से लागू हुआ। संविधान दिवस हमें भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों और विविधता में एकता के आदर्शों की याद दिलाता है।
इस प्रकार के आयोजनों के माध्यम से संविधान के प्रति सम्मान और जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जाता है।









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