
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक बार फिर से “फ्री रेवड़ी” को लेकर अपनी बात रखी है। उन्होंने जनता से अपील की है कि वे खुद तय करें कि उन्हें मुफ्त योजनाओं का लाभ चाहिए या नहीं।
केजरीवाल ने यह बयान उस समय दिया जब मुफ्त योजनाओं को लेकर राजनीति गर्माई हुई है। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार ने जनता के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, पानी और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं को मुफ्त किया है। यह जनता का अधिकार है और सरकार का कर्तव्य।”
इस मुद्दे पर बहस करते हुए केजरीवाल ने कहा कि मुफ्त सुविधाओं को “रेवड़ी संस्कृति” कहना गलत है। उन्होंने तर्क दिया कि ये योजनाएं जनता के जीवन स्तर को सुधारने के लिए हैं, न कि वोट पाने के लिए।
दिल्ली की जनता से अपील करते हुए उन्होंने कहा, “आप तय करें कि आपको फ्री की रेवड़ी चाहिए या नहीं। अगर नहीं चाहिए, तो हमें बताएं, हम इस पर विचार करेंगे।”
यह बयान दिल्ली की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है, जहां मुफ्त योजनाओं को लेकर जनता की राय सबसे अहम है।
क्या आपको लगता है कि मुफ्त योजनाएं जरूरी हैं या ये “रेवड़ी संस्कृति” को बढ़ावा देती हैं? अपनी राय हमें कमेंट में जरूर बताएं।









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