
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम इलाके में हुए हालिया आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस हमले में पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के हमलावरों ने 27 से ज्यादा लोगों की जान ले ली और कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। देशभर में इस नृशंस घटना की कड़ी निंदा हो रही है, और मुस्लिम समुदाय के नेता भी खुलकर आतंकवाद के खिलाफ आवाज़ उठा रहे हैं।
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने इस हमले के खिलाफ एक सख्त बयान जारी करते हुए देश के मुसलमानों से एकजुटता और शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक वीडियो संदेश साझा करते हुए कहा कि यह हमला न सिर्फ इंसानियत पर हमला है, बल्कि हमारे देश की अखंडता और आपसी सौहार्द को भी चोट पहुंचाने की साजिश है।
ओवैसी ने अपील की कि मुसलमान जुमे की नमाज़ के दौरान बाजुओं पर काली पट्टी बांधकर मस्जिदों में जाएं, ताकि यह संदेश दिया जा सके कि वे आतंकवाद और हिंसा के खिलाफ एकजुट हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस्लाम किसी भी हालत में बेकसूर लोगों की हत्या की इजाजत नहीं देता और दीन-ए-इस्लाम का नाम लेकर ऐसे कृत्य करना पूरी तरह से निंदनीय है।
ओवैसी ने यह भी चेतावनी दी कि इस घटना के बहाने कुछ तत्व कश्मीरी मुसलमानों को निशाना बनाने की कोशिश कर सकते हैं। उन्होंने सभी भारतीयों से अपील की कि वे आतंकियों की साजिश को नाकाम करें और देश की एकता को बनाकर रखें।
इस घटना के मद्देनज़र रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में एक सर्वदलीय बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें ओवैसी ने भी हिस्सा लिया और आतंक के खिलाफ सख्त कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया।
यह संदेश साफ है – भारत का हर नागरिक, चाहे उसका मज़हब कुछ भी हो, आतंक के खिलाफ एकजुट है और देश की शांति तथा भाईचारे को किसी भी कीमत पर कमजोर नहीं होने देगा।









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