
बिहार के बेगूसराय जिले से कांग्रेस नेता राहुल गांधी और युवा नेता कन्हैया कुमार ने मिलकर एक अहम पदयात्रा की शुरुआत की है। इस पदयात्रा का उद्देश्य है – जनता से सीधे संवाद स्थापित करना, सामाजिक एकता को बढ़ावा देना और देश में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और सामाजिक असमानता के खिलाफ आवाज उठाना।
पदयात्रा की शुरुआत: ऐतिहासिक शहर बेगूसराय से
बेगूसराय, जो बिहार का एक राजनीतिक और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण जिला है, को पदयात्रा की शुरुआत के लिए चुना गया है। यह जिला न केवल कन्हैया कुमार का गृह जनपद है, बल्कि यह आम जनता की भावनाओं और संघर्षों का भी प्रतिनिधित्व करता है।
राहुल गांधी और कन्हैया कुमार की साझा अपील
राहुल गांधी ने पदयात्रा के दौरान कहा कि यह अभियान सिर्फ राजनीति के लिए नहीं है, बल्कि यह आम लोगों की समस्याओं को समझने और उन्हें मंच देने के लिए है। कन्हैया कुमार ने भी इस यात्रा को “नए भारत की कल्पना” से जोड़ा, जहां सभी वर्गों को समान अधिकार और अवसर मिलें।
पदयात्रा के मुख्य उद्देश्य:
-
जन संवाद का माध्यम – आम जनता से सीधा संपर्क कर उनकी समस्याओं को समझना और समाधान की दिशा में काम करना।
-
महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ आवाज – देश में तेजी से बढ़ती महंगाई और युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी को प्रमुख मुद्दा बनाना।
-
सामाजिक एकता और भाईचारा – जाति, धर्म और भाषा के आधार पर हो रहे विभाजन के खिलाफ एकजुटता का संदेश देना।
-
युवाओं को जोड़ने की कोशिश – छात्र, युवा और बेरोजगारों को मुख्यधारा की राजनीति से जोड़ना और उनके भविष्य की दिशा तय करना।
राजनीतिक संदेश और आगामी रणनीति
यह पदयात्रा न केवल सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित है, बल्कि यह आगामी लोकसभा चुनाव 2024 की रणनीति का भी हिस्सा मानी जा रही है। कांग्रेस पार्टी इस पदयात्रा के माध्यम से बिहार में अपनी राजनीतिक पकड़ को मजबूत करना चाहती है, वहीं कन्हैया कुमार जैसे युवा नेता को आगे लाकर युवाओं में विश्वास कायम करने की कोशिश की जा रही है।
स्थानीय जनता का उत्साह
बेगूसराय सहित आस-पास के क्षेत्रों में इस पदयात्रा को लेकर भारी उत्साह देखा गया। हजारों की संख्या में लोग राहुल गांधी और कन्हैया कुमार के समर्थन में सड़कों पर उतरे। महिलाएं, छात्र, किसान, युवा और बुजुर्गों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।









Users Today : 3