
गुजरात के बनासकांठा जिले में एक पटाखा फैक्ट्री में लगी भीषण आग ने अब तक 18 मजदूरों की जान ले ली है। यह दर्दनाक घटना औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा मानकों की अनदेखी को उजागर करती है। हादसे के बाद प्रशासनिक अधिकारियों और राहत दलों ने मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य शुरू किया।
पटाखा फैक्ट्री में आग कैसे लगी?
घटना बनासकांठा जिले के डीसा क्षेत्र की एक पटाखा फैक्ट्री में हुई, जहां अचानक आग भड़क उठी। आग लगने के पीछे के संभावित कारणों में शामिल हैं:
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फैक्ट्री में ज्वलनशील पदार्थों की अत्यधिक मात्रा
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सुरक्षा मानकों का उल्लंघन
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इलेक्ट्रिकल शॉर्ट सर्किट की आशंका
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श्रमिकों द्वारा सुरक्षा उपकरणों की अनुपलब्धता
हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या 18 हुई
अधिकारियों के अनुसार, शुरुआत में आग के चलते कई मजदूर झुलस गए थे, जिनमें से कुछ गंभीर रूप से घायल थे। इलाज के दौरान अब तक 18 लोगों की मौत हो चुकी है। मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है क्योंकि कुछ घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है।
प्रशासनिक कार्रवाई और जांच जारी
गुजरात सरकार ने घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। जिला प्रशासन और दमकल विभाग ने मिलकर फैक्ट्री में आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए एक टीम गठित की है। प्रारंभिक जांच में सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की आशंका जताई जा रही है।
राज्य सरकार द्वारा घोषित राहत और मुआवजा:
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मृतकों के परिजनों को ₹4 लाख का मुआवजा
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गंभीर रूप से घायलों को ₹50,000 की सहायता राशि
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हादसे की पूरी रिपोर्ट आने के बाद जिम्मेदार लोगों पर कानूनी कार्रवाई
औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
बनासकांठा पटाखा फैक्ट्री में हुई इस दुर्घटना ने औद्योगिक सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फैक्ट्री में पर्याप्त अग्निशमन उपकरण और सुरक्षा उपाय मौजूद थे या नहीं, यह जांच का विषय बना हुआ है।









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