
उत्तर प्रदेश के संभल जिले में स्थित जामा मस्जिद में रंगाई-पुताई को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने मस्जिद में रंगाई-पुताई की अनुमति दे दी है, जिससे स्थानीय समुदाय में खुशी की लहर दौड़ गई है।
क्या है पूरा मामला?
संभल की जामा मस्जिद में रंगाई-पुताई का कार्य कुछ समय से विवाद का विषय बना हुआ था। प्रशासन ने पुरातात्विक संरचना का हवाला देते हुए इस पर रोक लगा दी थी। इसके बाद मस्जिद कमेटी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी, जिसमें रंगाई-पुताई की अनुमति मांगी गई थी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला
कोर्ट ने सभी दलीलों और साक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए फैसला सुनाया कि मस्जिद में रंगाई-पुताई का कार्य किया जा सकता है। हाईकोर्ट ने कहा कि धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण और मरम्मत कार्य में अनावश्यक रुकावट नहीं आनी चाहिए, जब तक कि उससे संरचना को कोई नुकसान न हो।
मस्जिद कमेटी की प्रतिक्रिया
मस्जिद कमेटी के सदस्यों ने हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत किया और कहा कि मस्जिद की रंगाई-पुताई धार्मिक और सौंदर्य की दृष्टि से आवश्यक है। कमेटी ने यह भी आश्वासन दिया कि मरम्मत कार्य में संरचनात्मक बदलाव नहीं किया जाएगा और पुरातात्विक धरोहर का सम्मान बनाए रखा जाएगा।
स्थानीय लोगों में खुशी
इलाहाबाद हाईकोर्ट के इस फैसले से संभल के मुस्लिम समुदाय में खुशी की लहर है। लोगों ने कोर्ट के फैसले को न्यायपूर्ण और धर्मनिरपेक्षता का प्रतीक बताया। मस्जिद में रंगाई-पुताई के कार्य को लेकर स्थानीय लोगों ने अपनी संतुष्टि जाहिर की और इसे आस्था का सम्मान बताया।
आगे की प्रक्रिया
मस्जिद कमेटी ने बताया कि रंगाई-पुताई का कार्य जल्दी ही शुरू किया जाएगा। प्रशासन के निर्देशानुसार सभी सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए कार्य किया जाएगा। स्थानीय प्रशासन ने भी इस कार्य में सहयोग देने का आश्वासन दिया है।









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