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प्रयागराज: संभल की शाही मस्जिद पुताई विवाद पर 12 मार्च को होगी सुनवाई

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प्रयागराज
प्रयागराज: संभल की शाही मस्जिद पुताई विवाद पर 12 मार्च को होगी सुनवाई

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में स्थित इलाहाबाद हाईकोर्ट में संभल की शाही मस्जिद की पुताई से जुड़े विवाद पर सुनवाई की तारीख तय कर दी गई है। अदालत ने इस मामले में 12 मार्च को अगली सुनवाई निर्धारित की है।

क्या है मामला?

संभल की ऐतिहासिक शाही मस्जिद की पुताई को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। स्थानीय लोगों और कुछ संगठनों ने पुताई के तरीके और उसके प्रभाव पर सवाल उठाए हैं। आरोप है कि पुताई के कारण मस्जिद की ऐतिहासिकता और पारंपरिक संरचना को नुकसान पहुंचा है।

अदालती हस्तक्षेप और सुनवाई की तारीख

मामले को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी, जिसमें पुताई के तरीके और प्रशासनिक अनुमति को चुनौती दी गई थी। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि शाही मस्जिद एक पुरातात्विक धरोहर है और इसके संरक्षण में लापरवाही बरती जा रही है।

हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे सूचीबद्ध कर लिया है और अब 12 मार्च को इस पर सुनवाई होगी। न्यायालय ने संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से इस मामले में जवाब दाखिल करने को कहा है।

मामले से जुड़े प्रमुख बिंदु:

  1. संरक्षण और ऐतिहासिकता का सवाल:

    • शाही मस्जिद का ऐतिहासिक महत्व है, जिसे संरक्षित रखने की जिम्मेदारी प्रशासन की है।
    • पुताई के दौरान मस्जिद की पारंपरिक संरचना और कलाकृतियों को नुकसान पहुंचने का आरोप है।
  2. स्थानीय लोगों की आपत्तियां:

    • स्थानीय निवासियों का कहना है कि पुताई के कारण मस्जिद की पुरानी कलाकृतियां ढक गई हैं।
    • कई लोगों ने प्रशासनिक अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
  3. सरकारी पक्ष:

    • प्रशासन का दावा है कि पुताई का कार्य मस्जिद की दीवारों को सुरक्षित रखने के लिए किया गया है।
    • अधिकारियों ने कहा कि प्रक्रिया के दौरान पुरातात्विक विभाग के निर्देशों का पालन किया गया है।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

वास्तुकला विशेषज्ञों का मानना है कि ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण में पारंपरिक सामग्री और तकनीकों का उपयोग किया जाना चाहिए। शाही मस्जिद जैसी ऐतिहासिक इमारतों की पुताई में अत्यधिक देखभाल और विशेषज्ञता की आवश्यकता होती है।

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