
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हाल ही में बिहार विधान परिषद में एक महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने कहा, “राबड़ी देवी को हमने मुख्यमंत्री बनाया था।” यह बयान बिहार की राजनीति में नए सियासी हलचल को जन्म दे सकता है।
नीतीश कुमार का बयान और राजनीतिक संदर्भ
बिहार विधान परिषद में बोलते हुए सीएम नीतीश कुमार ने लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी के नेतृत्व वाले दौर को याद किया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जब लालू प्रसाद यादव को चारा घोटाले के चलते पद छोड़ना पड़ा था, तब उन्होंने राबड़ी देवी को मुख्यमंत्री बनाने में अहम भूमिका निभाई थी।
राबड़ी देवी की मुख्यमंत्री बनने की कहानी
राबड़ी देवी बिहार की पहली महिला मुख्यमंत्री बनी थीं और उन्होंने तीन बार राज्य की कमान संभाली।
- 1997 में पहली बार सीएम बनीं – जब लालू यादव को जेल जाना पड़ा, तब उन्होंने राबड़ी देवी को मुख्यमंत्री बनाया।
- राजनीतिक अनुभव की कमी के बावजूद नेतृत्व – राबड़ी देवी ने पार्टी नेताओं और लालू प्रसाद यादव के मार्गदर्शन में सरकार चलाई।
- 2005 तक सत्ता में रहीं – 2005 के विधानसभा चुनावों के बाद सत्ता परिवर्तन हुआ और नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने।
बिहार की राजनीति में क्यों अहम है यह बयान?
नीतीश कुमार का यह बयान कई राजनीतिक मायनों में महत्वपूर्ण है:
- राजद और जदयू के रिश्ते – यह बयान लालू यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और जनता दल (JDU) के पुराने संबंधों को फिर से उजागर करता है।
- नीतीश और लालू का अतीत – नीतीश कुमार और लालू यादव पहले सहयोगी थे, लेकिन बाद में उनके रास्ते अलग हो गए।
- 2024 लोकसभा चुनाव की रणनीति – बिहार की राजनीति में इस बयान के प्रभाव को आगामी चुनावों के संदर्भ में भी देखा जा सकता है।
राबड़ी देवी का योगदान और बिहार की राजनीति
राबड़ी देवी का कार्यकाल बिहार की राजनीति में कई विवादों और उपलब्धियों से भरा रहा। उन्होंने महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया और ग्रामीण विकास पर ध्यान केंद्रित किया। हालांकि, उनके कार्यकाल को भ्रष्टाचार और प्रशासनिक चुनौतियों के लिए भी जाना जाता है।









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