
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी (SP) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने महाकुंभ को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार महाकुंभ के बजट और भव्य आयोजन पर ध्यान दे रही है, लेकिन महाकुंभ में हुई मौतों के आंकड़ों को नजरअंदाज कर रही है।
महाकुंभ में श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर सवाल
अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार को महाकुंभ के बजट की बजाय उन लोगों की चिंता करनी चाहिए जो अव्यवस्था के कारण मारे गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासन की लापरवाही के चलते कई श्रद्धालुओं की जान चली गई, लेकिन सरकार इस पर ध्यान देने के बजाय सिर्फ आयोजन की भव्यता दिखाने में लगी हुई है।
2013 में भी हुआ था हादसा
अखिलेश यादव ने महाकुंभ 2013 का उदाहरण देते हुए कहा कि तब भी इलाहाबाद रेलवे स्टेशन पर भगदड़ मचने से कई लोगों की जान चली गई थी। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या 2025 के महाकुंभ में भी सरकार उसी लापरवाही को दोहराने जा रही है?
महाकुंभ का बढ़ता बजट – क्या जनता की भलाई पर ध्यान है?
सरकार ने महाकुंभ 2025 के लिए लाखों करोड़ों का बजट आवंटित किया है, लेकिन अखिलेश यादव का कहना है कि यह पैसा जनता की सुविधाओं और सुरक्षा पर खर्च होना चाहिए। अगर श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होगी, तो महाकुंभ की भव्यता का कोई मतलब नहीं रहेगा।
क्या कहता है प्रशासन?
राज्य सरकार और महाकुंभ प्रशासन का दावा है कि इस बार सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। भीड़ नियंत्रण के लिए CCTV, ड्रोन सर्विलांस और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।









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