
महाकुंभ 2025 को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं, लेकिन इस बीच समाजवादी पार्टी (SP) सांसद राजीव राय ने वीआईपी ट्रीटमेंट को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि महाकुंभ के दौरान वीआईपी सुविधाओं के चलते कई आम श्रद्धालुओं को परेशानियों का सामना करना पड़ा, जिससे भगदड़ जैसी घटनाएं हुईं और कई लोगों की जान चली गई।
महाकुंभ में वीआईपी संस्कृति पर उठे सवाल
राजीव राय ने आरोप लगाया कि प्रशासन द्वारा वीआईपी दर्शन और सुरक्षा को प्राथमिकता देने के कारण आम श्रद्धालुओं को सही व्यवस्था नहीं मिल पाई। इससे भीड़ नियंत्रण में असफलता हुई और कई श्रद्धालुओं की मौत हो गई।
क्या कहते हैं आंकड़े?
हालांकि, प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन 2013 के महाकुंभ के दौरान भी भगदड़ में कई लोगों की मौत हुई थी। ऐसे में 2025 में होने वाले महाकुंभ को लेकर सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के इंतजामों पर सवाल उठ रहे हैं।
एसपी सांसद की मांग – आम लोगों के लिए सुविधाएं बढ़ाई जाएं
राजीव राय ने मांग की कि महाकुंभ में वीआईपी ट्रीटमेंट को सीमित किया जाए और आम श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त सुरक्षा और सुविधाएं मुहैया कराई जाएं। उनका कहना है कि धर्म और आस्था के इस महापर्व में किसी भी तरह की अव्यवस्था नहीं होनी चाहिए।
प्रशासन की क्या है प्रतिक्रिया?
महाकुंभ 2025 के आयोजकों और प्रशासन की ओर से यह दावा किया गया है कि इस बार सुरक्षा को लेकर कड़े इंतजाम किए गए हैं। भीड़ नियंत्रण के लिए आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।









Users Today : 2