
दिल्ली में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर सियासी माहौल गर्म होता जा रहा है। आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता संजय सिंह और पार्टी की प्रवक्ता रीना गुप्ता ने यमुना नदी के प्रदूषित जल को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधते हुए बड़ा प्रदर्शन किया। वे यमुना का दूषित पानी लेकर बीजेपी कार्यालय की ओर बढ़े, जिससे राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई।
AAP का BJP पर हमला: यमुना जल संकट बना चुनावी मुद्दा
AAP नेताओं का कहना है कि दिल्ली में यमुना नदी की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है और इसके लिए केंद्र सरकार व बीजेपी शासित एजेंसियां जिम्मेदार हैं। संजय सिंह ने कहा कि दिल्ली की जनता को गंदे पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा है, लेकिन बीजेपी इस मुद्दे पर कोई ठोस कदम नहीं उठा रही। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यमुना को साफ करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जा चुके हैं, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है।
BJP कार्यालय की ओर मार्च, बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी
AAP के नेता संजय सिंह और रीना गुप्ता जब यमुना का गंदा पानी लेकर बीजेपी मुख्यालय की ओर बढ़े, तो वहां भारी सुरक्षा तैनात कर दी गई। पुलिस ने बीच रास्ते में ही उन्हें रोक लिया, जिसके बाद आप नेताओं ने केंद्र सरकार और बीजेपी के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
AAP का आरोप: BJP कर रही है दिल्लीवासियों के साथ अन्याय
रीना गुप्ता ने कहा कि बीजेपी सिर्फ झूठे वादे करती है और जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं हो रहा। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर केंद्र सरकार की नीतियां इतनी सफल हैं, तो यमुना का पानी आज भी जहरीला क्यों बना हुआ है?
BJP का जवाब: AAP सरकार पर साधा निशाना
AAP के इस प्रदर्शन पर बीजेपी ने पलटवार करते हुए कहा कि दिल्ली में जल प्रबंधन की जिम्मेदारी खुद अरविंद केजरीवाल सरकार की है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि दिल्ली सरकार ने यमुना की सफाई के लिए कई घोषणाएं कीं, लेकिन अब तक कोई ठोस काम नहीं किया गया।
चुनावी समीकरण: क्या यमुना जल मुद्दा AAP के पक्ष में जाएगा?
दिल्ली चुनावों से पहले यमुना जल संकट को लेकर AAP और BJP के बीच सियासी जंग तेज हो गई है। जहां AAP इसे चुनावी मुद्दा बनाकर बीजेपी को घेर रही है, वहीं बीजेपी इसे दिल्ली सरकार की नाकामी बता रही है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि जनता इस मुद्दे पर किसे जिम्मेदार ठहराती है।









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