
नई दिल्ली: भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने हाल ही में अदालत में दाखिल अपने हलफनामे में कहा कि उनकी सर्वे टीम को किसी भी मस्जिद के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। यह बयान उस विवाद के संदर्भ में आया है जो धार्मिक स्थलों के सर्वेक्षण को लेकर सामने आया था।
ASI का हलफनामा क्या कहता है?
ASI ने साफ किया कि सर्वेक्षण कार्य केवल बाहरी परिसर और अनुमत क्षेत्रों तक सीमित था। मस्जिद के अंदरूनी हिस्सों में प्रवेश करने का कोई प्रयास नहीं किया गया, और सर्वे टीम ने पूरी प्रक्रिया के दौरान सम्मान और नियमों का पालन किया।
क्यों है यह मामला महत्वपूर्ण?
यह मामला इसलिए चर्चा में है क्योंकि धार्मिक स्थलों पर किए जा रहे सर्वे को लेकर समाज के विभिन्न वर्गों में चिंता जताई जा रही है। ASI का यह बयान स्थिति को स्पष्ट करने और किसी भी तरह की गलतफहमी को दूर करने का प्रयास माना जा रहा है।
सर्वेक्षण का उद्देश्य
ASI का उद्देश्य ऐतिहासिक स्थलों के संरचनात्मक मूल्यांकन और उनके संरक्षण को सुनिश्चित करना है। यह प्रक्रिया किसी भी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के उद्देश्य से नहीं की जाती।









Users Today : 2