
6 दिसंबर को दिल्ली की ओर प्रदर्शनकारी किसान मार्च करेंगे, यह ऐलान संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने किया है। किसान संगठनों का कहना है कि यह मार्च केंद्र सरकार की कृषि नीतियों के खिलाफ एक बड़ा विरोध प्रदर्शन होगा। संयुक्त किसान मोर्चा ने सरकार से किसानों के मुद्दों को सुलझाने की मांग की है, और 6 दिसंबर को दिल्ली में एकजुट होने का आह्वान किया है।
इस मार्च का उद्देश्य किसानों की मांगों को सरकार के समक्ष मजबूती से पेश करना और कृषि सुधारों को लेकर निरंतर आंदोलन को तेज करना है। किसान नेताओं का कहना है कि जब तक सरकार उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों पर ठोस कदम नहीं उठाती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
संयुक्त किसान मोर्चा का लक्ष्य
संयुक्त किसान मोर्चा का कहना है कि यह मार्च एक शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित किया जाएगा, और इसमें देशभर से किसान शामिल होंगे। यह आंदोलन केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध की एक कड़ी के रूप में आयोजित किया जा रहा है, जिसे किसान समुदाय द्वारा भरी विरोध का सामना करना पड़ा है।
किसानों की मुख्य मांगें
किसान अपनी प्रमुख मांगों में MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) की गारंटी, कृषि कानूनों की वापसी, और स्वामीनाथन रिपोर्ट की सिफारिशों को लागू करने की मांग कर रहे हैं। किसान संगठनों का कहना है कि यदि इन मुद्दों पर कार्रवाई नहीं की जाती, तो उनका संघर्ष जारी रहेगा।









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